
जनक्रांति ब्यूरो
हरिद्वार। सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आज हरिद्वार में सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सी.सी.आर. सभागार हरिद्वार में प्रेस वार्ता की। सांसद रावत ने कहा कि भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा “MY Bharat” के माध्यम से प्रारंभ किया गया विकसित भारत पदयात्रा अभियान युवाओं को राष्ट्र गौरव, सामाजिक उत्तरदायित्व और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से जोड़ने का ऐतिहासिक प्रयास है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से प्रारंभ यह अभियान युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण की भावना से ओत-प्रोत करने का माध्यम बनेगा। यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती को समर्पित है, जिनकी एकता, कर्तव्य भावना और राष्ट्रनिष्ठा आज भी हमारे लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
सांसद रावत ने कहा कि यह पदयात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन है — जो युवाओं में सेवा, संस्कार और समर्पण की भावना को जागृत करेगा। सरदार पटेल के आदर्शों के अनुरूप ‘एक भारत, आत्मनिर्भर भारत’ का संदेश जन-जन तक पहुंचेगा।
इस अभियान का डिजिटल शुभारंभ केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा किया गया है। MY Bharat पोर्टल के माध्यम से देशभर में युवा, एनएसएस, एनसीसी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि इससे जुड़ रहे हैं।

उन्होंने अभियान की मुख्य रूपरेखा को साझा किया जिसमें-
• जिला स्तरीय पदयात्राएँ (31 अक्टूबर – 25 नवम्बर 2025) : प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में तीन दिवसीय स्थानीय पदयात्रा आयोजित होगी, जिसमें निबंध, वाद-विवाद, नाटक, योग, हेल्थ कैंप और स्वच्छता अभियान सम्मिलित होंगे।
• राज्य स्तरीय पदयात्राएँ : मंत्री, सांसद, स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी MY Bharat एवं NCC टीमों के साथ नेतृत्व करेंगे।
• राष्ट्रीय पदयात्रा (26 नवम्बर – 6 दिसम्बर 2025) : 152 किमी लंबी ऐतिहासिक यात्रा “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” (केवडिया, गुजरात) तक आयोजित होगी। इस दौरान 150 पड़ावों पर सरदार पटेल के जीवन, एकता और विकास पर प्रदर्शनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
सांसद रावत ने युवाओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि भारत के युवाओं में जोश, जागरूकता और जनसेवा की भावना ही विकसित भारत 2047 का आधार बनेगी। हमें आत्मनिर्भर और एकजुट भारत के निर्माण का संकल्प लेकर इस पदयात्रा को जनांदोलन बनाना है।
