जनक्रांति ब्यूरो

बहादराबाद। बहादराबाद क्षेत्र में रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी भगवान सिंह की सनसनीखेज हत्या के मामले का खुलासा हो गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक के इकलौते बेटे यशपाल ने ही अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची थी। करोड़ों की संपत्ति अपने नाम कराने के दबाव में नाकाम रहने और पिता द्वारा बेदखल करने की चेतावनी से खफा बेटे ने 30 लाख रुपये और एक स्कॉर्पियो देने का लालच देकर दोस्तों को सुपारी दी थी।
शनिवार देर शाम हुई हत्या के मामले में बहादराबाद थाना, रानीपुर कोतवाली और सीआईयू की संयुक्त टीम ने मपिता हज कुछ ही घंटों में घटना की परतें खोल दीं।

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि आरोपी यशपाल पुत्र भगवान सिंह, निवासी जमालपुर कलां कनखल, राजन उर्फ ललित मोहन पुत्र सुरेश गिरी, निवासी सीतापुर ज्वालापुर, शेखर पुत्र ऋषिपाल निवासी सीतापुर बालाजीपुरम कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया। राजन की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल तमंचा और कपड़े बरामद किए गए हैं। 29 नवंबर की रात करीब आठ बजे यशपाल ने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी कि जटवाड़ा पुल के पास एक अज्ञात व्यक्ति ने लिफ्ट मांगी और कार में बैठते ही उसके पिता पर गोली चला दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन शुरुआती पूछताछ में बेटे के बयान संदिग्ध लगे। जब पुलिस ने जिस दोस्त के यहां शादी में जाने की बात कही गई थी, उससे संपर्क किया तो सारी कहानी झूठी निकली।
बेटे से कड़ाई से पूछताछ की गई तो वह लगातार बयान बदलता रहा और अंत में सच्चाई उगल दी।

मृतक के बेटे यशपाल की आदतों और संगत से पिता काफी परेशान थे। उन्होंने बेटे को संपत्ति से बेदखल करने की चेतावनी दी थी। इसी खुन्नस में यशपाल ने अपने दोस्त राजन और शेखर को पिता की हत्या की सुपारी दी। 29 नवंबर की दोपहर तीनों ने ज्वालापुर-बहादराबाद नहर पटरी पर रेकी की। रात को यशपाल पिता को झूठे बहाने से रोशनाबाद में दोस्त की शादी में ले जाने के लिए तैयार कर कार से निकल पड़ा। जटवाड़ा पुल से आगे, डैम क्षेत्र के पास पहले से छिपे राजन और शेखर उन्हें मिले। यशपाल ने कार रुकवाकर ड्राइवर सीट संभाली और राजन को अपना दोस्त बताकर कार में बैठा लिया। कुछ ही पल में राजन ने तमंचे से मृतक भगवान सिंह की कनपटी पर दो गोलियां दाग दीं। वारदात के बाद राजन मौके से भाग गया जबकि यशपाल ने थोड़ी देर बाद 112 पर फोन कर खुद को निर्दोष दिखाने का प्रयास किया।
संयुक्त टीम ने घंटों की मेहनत के बाद तीनों आरोपियों को दबोच लिया। राजन की निशानदेही पर एक 315 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस, वारदात में पहने कपड़े और जूते सीतापुर स्थित एक किराए के कमरे से बरामद किए गए।
*पुलिस टीम*
01. थानाध्यक्ष बहादराबाद उ0नि0 अंकुर शर्मा
02. व0उ0नि0 नितिन बिष्ट
03. उ0नि0 अमित नौटियाल- चौकी प्रभारी कस्बा
04. उ0नि0 उमेश कुमार- चौकी प्रभारी शांतरसा
05. उ0नि0 जगमोहन सिंह
06. हे0कानि0 होशियार सिंह
07. कानि0 बलवंत सिंह
08. कानि0 वीरेन्द्र चौहान
09. कानि0 मुकेश नेगी
10. कानि0 शाहआलम
11. कानि0 ड्राईवर वीरेन्द्र सिंह
*पुलिस टीम कोतवाली रानीपुर*
01. निरीक्षक शांति कुमार गंगवार
02. कानि० नरेंद्र राणा
03. कानि० उदय चौहान
*सी0आई0यू0 हरिद्वार*
01. निरीक्षक नरेन्द्र सिंह बिष्ट
02. कानि0 नरेन्द्र सिंह
03. कानि0 उमेश
04. कानि0 हरवीर सिंह
05. कानि0 वसीम
