
जनक्रांति ब्यूरो
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड मामलों के प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से खुद को जोड़े जाने वाले आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी ईमानदारी पर खुला चैलेंज दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में गौतम ने कहा, “मेरे राजनैतिक एवं सामाजिक जीवन में ईमानदारी, निष्ठा और चरित्र ही मेरी पहचान रहे हैं। आज मन की गहरी पीड़ा शब्दों के रूप में सामने आ रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी मेरी इस पीड़ा को समझेंगे और न्याय की इस लड़ाई में अन्याय के विरुद्ध मजबूती से मेरे साथ खड़े होंगे। यदि मेरे खिलाफ कोई ठोस सबूत या दस्तावेज़ मिलता है, तो मैं तत्काल अपने राजनैतिक तथा सामाजिक जीवन से संन्यास ले लूँगा।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंकिता भंडारी हत्याकांड (2022) फिर से सुर्खियों में है। पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली उर्मिला सनावर के वायरल वीडियो और ऑडियो में ‘गट्टू’ नाम के व्यक्ति का जिक्र किया गया, जिसे कुछ लोग दुष्यंत कुमार गौतम से जोड़ रहे हैं। आरोप है कि अंकिता ने कथित VIP गेस्ट को ‘सर्विस’ देने से इनकार किया था, जिसके बाद उनकी हत्या हुई।
दूसरी ओर, दुष्यंत गौतम ने इन आरोपों को “फर्जी और मनगढ़ंत” बताते हुए उत्तराखंड सरकार से सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही सामग्री हटाने की मांग की है। उन्होंने गृह सचिव को पत्र लिखकर इसे अपनी छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया है। हरिद्वार और देहरादून में उर्मिला सनावर व सुरेश राठौर के खिलाफ FIR भी दर्ज हो चुकी है।
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