जनक्रांति ब्यूरो
हरिद्वार। कनखल थाना क्षेत्र के नूरपुर पंजनहेड़ी गांव में हुई मारपीट और फायरिंग की घटना के बाद आरोपी अतुल चौहान ने कनखल थाने में अपना लाइसेंसी हथियार जमा किया और आत्मसमर्पण कर दिया। बुधवार सुबह हुए खूनी संघर्ष में दोपहर को ही नया मोड़ आ गया। घटना के बाद मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानन्द सरस्वती के शिष्य ब्रह्मचारी सुधानंद ने आरोपी अतुल चौहान को सामाजिक कार्यकर्ता बताया। उन्होंने अतुल चौहान की तरफ से कनखल थाने में तहरीर देकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान और तहसीलदार सचिन कुमार पर आपराधिक षड्यंत्र व प्रशासनिक संरक्षण में अवैध प्लाटिंग करने के गंभीर आरोप लगाए।
ब्रह्मचारी सुधानंद द्वारा थाना कनखल में दी गई तहरीर के अनुसार, अतुल चौहान बीते कई वर्षों से अवैध प्लॉटिंग, बागों की अवैध कटाई और कृषि भूमि के गैरकानूनी व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायतें करने के साथ ही उच्च न्यायालय में पीआईएल भी दायर की थी। आरोप लगाया गया है कि अवैध प्लॉटिंग में संलिप्त अमित चौहान, जो वर्तमान में जिला पंचायत उपाध्यक्ष हैं, तथा उनके सहयोगियों द्वारा अतुल चौहान को लगातार शिकायते वापस न लेने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। बुधवार को तहसील प्रशासन द्वारा खसरा संख्या 154 एवं 158 का निरीक्षण प्रस्तावित था। इसी दौरान सुबह करीब सवा दस बजे, जब अतुल चौहान अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे, तभी अमित चौहान और उनके लगभग 10 अज्ञात सहयोगी लाठी डंडों से लैस होकर वहां पहुंचे और गाली गलौज के बाद जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। हमले में अतुल चौहान को गंभीर चोटें आईं, उनकी कार को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। मौके पर फायरिंग की आवाजें भी सुनाई दीं, जिसके बाद आत्मरक्षा में अतुल चौहान ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से जमीन पर फायर किया। घटना के बाद अतुल चौहान स्वयं थाना कनखल पहुंचे और अपनी लाइसेंसी पिस्टल पुलिस के सुपुर्द की, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में लिया गया, जबकि हमलावरों पर कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई।ब्रह्मचारी सुधानंद ने इस पूरे घटनाक्रम में तहसीलदार सचिन कुमार की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि तहसीलदार को अवैध प्लॉटिंग की पूरी जानकारी थी और निरीक्षण की तिथि भी उन्हीं के स्तर से तय हुई थी। इसके बावजूद न तो अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगाई गई और न ही हमले से पूर्व कोई सुरक्षा व्यवस्था की गई। आरोप लगाया कि तहसील कार्यालय में तहसीलदार द्वारा उन्हें धमकाया भी गया था। इतना ही पुलिस प्रशासन पर भी आरोप लगाया कि घटना के बाद अतुल चौहान के नाबालिग पुत्र को उनके घर से उठाकर जगजीतपुर चौकी में हिरासत में लिया गया, जहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
ब्रह्मचारी सुधानंद ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उधर अमित चौहान पक्ष की ओर से पुलिस को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। एसपी सिटी अभय सिंह का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
