
हरिद्वार।भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य एवं कलियर विधान सभा के पूर्व प्रत्याशी मुनीश सैनी ने कहा कि सनातन परंपरा में माघ मास की पूर्णिमा को न सिर्फ स्नान-दान से जुड़ी माघी पूर्णिमा व्रत के लिए बल्कि जाने-माने संत और समाज सुधारक संत रविदास की जयंती के लिए भी जाना जाता है। गुरु रविदास जिन्हें रैदास भी कहा जाता है। उन्होंने अपनी भक्ति आंदोलन के जरिए समाज के भेद-भाव को दूर करने का बीड़ा उठाया था। उन्होंने कहा संत रविदास ने लोगों को मन की ताकत को समझाते हुए अपने दोहों के जरिए जो सीख दी, वो आज भी लोगों को जीवन जीने की सही दिशा प्रदान कर रही है.।

उन्होंने कहा कि संत रविदास कहते हैं कि जिस इंसान का मन पवित्र और निर्मल होता है वह कोई भी छोटा या बड़ा कार्य करता हो, उसे गंगा की तरह पसंत रविदास कहते हैं कि हमें जब हम लोगों से विनम्रता के साथ मधुर वचन बोलते हैं तो न सिर्फ दूसरों को शांति मिलती है, बल्कि स्वयं को भी सुकेसंत रविदास के अनुसार बाहरी आडंबर की बजाय व्यक्ति आत्मज्ञान से ही परमात्मा की प्राप्ति होती है। संत रविदास जी कहते हैं कि ईश्वर की भक्ति व्यक्ति को बड़े सौभाग्य से प्राप्त होती है, लेकिन यह उसी की सफल होती है जो अभिमान रहित होता है. यदि आपके भीतर तिल मात्र भी अभिमान नहीं है तो बड़ी आसानी से आप सफल होते हैं, बिल्कुल वैसे ही जैसे एक बड़ा हाथी चीनी के दाने को नहीं उठा पाता है,

लेकिन एक चींटी उसे बड़ी आसानी से इकट्ठा करके चलती है। इस दौरान मुनीश सैनी ने कलियर विधानसभा के विभिन्न ग्रामों में जाकर संत शिरोमणि रविदास के चित्र पर पुष्पांजलि की तथा हकीमपुर तुर्रा इमली कमालपुर भारापुर भोरी बेलडी रहमतपुर आदि गांवों में सभी भाइयों के साथ मिलकर संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती को धूमधाम से मनाई ।
