
जनक्रांति ब्यूरो

हरिद्वार। सोमवती अमावस्या के पावन स्नान पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही हर की पैड़ी, ब्रह्मकुंड, मालवीय घाट, सुभाष घाट और कुशा घाट सहित सभी प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मेले के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क रहा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने विभिन्न घाटों व संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए गए

प्रशासन ने मेला क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर नोडल अधिकारियों और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की थी। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा तथा सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की गई।

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम और एम्बुलेंस सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया। घाटों पर बैरिकेडिंग और अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए श्रद्धालुओं को लगातार दिशा-निर्देश दिए जाते रहे।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया। बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई तथा श्रद्धालुओं को शटल सेवाओं के माध्यम से घाटों तक पहुंचाया गया।
जिलाधिकारी और एसएसपी ने सभी अधिकारियों को स्नान पर्व के दौरान पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। प्रशासन की सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में गंगा स्नान किया।
