जन क्रांति ब्यूरो
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार से निकलकर औद्योगिक नगरी कानपुर तक जाने वाली उत्तरी खंड गंग नहर को वार्षिक मेंटेनेंस के लिए बंद कर दिया गया है। जिससे कि गंग नहर में फंसे कूड़े और गंदगी को बाहर निकाला जा सके। वहीं नहर किनारे जो क्षेलतिग्रस्त हो गए है। उनकी मरम्मत कराई जा सके।

प्रतिवर्ष दशहरा से छोटी दिवाली तक गंग नहर को सफाई और सिल्ट हटाने के लिए बंद किया जाता है। कल दशहरा की रात से 19 अक्टूबर की रात तक भीमगोडा बैराज से यूपी सिंचाई विभाग ने नहरबंदी कर दी है। 17 दिनों की गंग नहरबंदी में नहर की साफ सफाई और मेंटेनेंस के काम किए जाएंगे।

इस दौरान जनपद हरिद्वार और पश्चिमी यूपी में सिंचाई और दिल्ली एनसीआर में पेयजल का संकट पैदा हो सकता है। यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण का कहना है कि साल भर गंग नहर के संचालन के लिए मेंटेनेंस और मरम्मत के कार्यों की जरूरत पड़ती है।

साल भर में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के द्वारा छोड़ जाने कपड़ों आदि के दुकड़े जमा हो जाते है। उन्होंने बताया बारिश ज्यादा होने के कारण नहर में सिल्ट जमा हो गई है किनारे क्षतिग्रस्त हो गए है उसी के लिए हर साल दशहरा से
दिवाली तक गंग नहर को बंद किया जाता है। उन्होंने बताया 2/3 की रात से बंधकर 19/20 की रात्रिको गंग नहर में पानी छोड़ा जाएगा।

