जनक्रांति ब्यूरो
हरिद्वार। पोषाहार अनियमितता में कार्रवाई के नाम पर अवैध वसूली करने के ऑडियो प्रकरण पर सीडीपीओ से स्पष्टीकरण तलब कर लिया गया है। अनियमितता के नाम पर अवैध वसूली की जांच भी बैठा दी गई है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक की ओर से मुख्य विकास अधिकारी को जांच सौंपी गई है।
दरअसल, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं और बच्चों को पोषाहार दिया जाता है, ताकि, बच्चों को पोषाहार खाने से कुपोषण का शिकार न बन सकें। हर महीने पोषाहार बच्चों को दिया जाता है, लेकिन, इसकी बंदरबाट की जा रही है और पोषाहार वितरण के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
मंगलवार को सोशल मीडिया में एक बाल विकास परियोजना अधिकारी की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक में पोषाहार की अनियमितता के नाम पर अवैध वसूली की ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हुई थी, जो प्रदेश भर में वायरल होने से सरकार की छवि खराब हो रही है। ऑडियो में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और महिला अधिकारी में पोषाहार वितरण में अनियमितता पर रुपयों को लेन-देने की वार्ता साफ सुनाई पड़ रही है।
मामले को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से गंभीरता से लिया गया है। डीपीओ धर्मवीर सिंह की ओर से वायरल ऑडियो में सुनाई पड़ रही महिला अधिकारी को नोटिस जारी कर दिया है। उन्हें एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, विभाग के निदेशक बंशी लाल राणा की ओर से मुख्य विकास अधिकारी डा. ललित नारायण मिश्र को जांच अधिकारी नियुक्ति किया गया है। उन्हें जांच कर संल्पित अधिकारी का नाम, पद नाम सहित रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, डीपीओ धर्मवीर सिंह को निदेशक की ओर से मुख्य विकास अधिकारी से समन्वय बनाते हुए अतिशीघ्र रिपोर्ट भिजवाने के लिए निर्देशित किया गय है। ताकि, अग्रिम कार्रवाई की जा सके।
