हरिद्वार।उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतर महाविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिताओं का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री ने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ खेलकूद भी छात्र जीवन का अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए।
कुलपति प्रो. शास्त्री ने कहा कि आज खेलों के माध्यम से युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहे है। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ -साथ खिलाड़ियों में खेल भावना का होना बहुत आवश्यक है, क्योंकि खेल छात्रों का विकास करता है। इसलिए सभी को निमित रूप से प्रतिदिन व्यायाम के साथ साथ कोई भी खेल खेलना चाहिए। जिससे उनकी सहनशीलता का विकास होता है। क्रीड़ा परिषद के प्रभारी प्रो. लक्ष्मी नारायण जोशी ने बताया कि तीन दिवसीय अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं में संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त महाविद्यालय से आई टीम प्रतिभाग करेगी। प्रथम दिन एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, कबड्डी के मुकाबले होगे और आगे 2 दिनों में बचे हुए खेल खेले जाएंगे । विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि
खिलाड़ी यदि निमित रूप से खेल का अभ्यास करते है तो उनकी एकाग्रता बढ़ती है और उनको किसी प्रकार का तनाव नहीं होता।इस अवसर पर क्रीड़ा अधिकारी डॉ चंद्र शेखर शर्मा ने सभी टीम प्रबंधक का कुलपति से परिचय कराया ।
इस अवसर पर उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के सचिव प्रोफेसर मनोज किशोर पंत, डॉ. सुमन भट्ट, डॉ० अजय परमार ,डॉ. योगेश कुमार सिंघल, मीनाक्षी रावत, डॉ. बिंदुमती, सहायक कुलसचिव संदीप भट्ट, सुनील कुमार, डॉ. श्वेता अवस्थी आदि शिक्षक , विद्यार्थी एवं गणमान्य जन उपस्थित रहे।
