
जनक्रांति ब्यूरो
हरिद्वार।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद के सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 90 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्कूलों में पढ़ाई के स्तर पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी कर ली जाएं। साथ ही छात्रों की उपस्थिति की नियमित रिपोर्ट जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। सभी विद्यालयों में मानक और निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने किचन गार्डेन विकसित करने और भोजन में हरी सब्जियों को शामिल करने के निर्देश भी दिए। साथ ही अधिकारियों को मिड-डे मील की गुणवत्ता का नियमित निरीक्षण करने और लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में जिलाधिकारी ने जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों को लेकर भी गंभीरता दिखाई। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे भवनों में किसी भी स्थिति में पठन-पाठन न कराया जाए और मानसून से पहले उनकी मरम्मत कराई जाए। जिन विद्यालयों में भूमि विवाद नहीं है, वहां मरम्मत कार्य के लिए जिला योजना से प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया, जबकि विवादित मामलों में संबंधित उप जिलाधिकारियों के साथ समन्वय कर समाधान के निर्देश
