दुर्घटना संभावित स्थानों की खामियां होंगी चिह्नित, कैमरों से निगरानी और अतिक्रमण हटाने पर जोर

जनक्रांति ब्यूरों
हरिद्वार। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए हरिद्वार जिले में सड़कों का थर्ड पार्टी रोड सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। इसके जरिए सड़कों की तकनीकी खामियों और सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की योजना है। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जिला कार्यालय सभागार में हुई बैठक में दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था में सुधार पर चर्चा की गई। सीडीओ ने कहा कि दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान कर उनका निराकरण किया जाए। दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
कैमरों से होगी निगरानी, अतिक्रमण पर कार्रवाई

बैठक में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखने के लिए कैमरों और डिजिटल माध्यमों से निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया। सड़क किनारे यातायात में बाधा बन रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित कार्रवाई करने को कहा गया। थर्ड पार्टी ऑडिट के माध्यम से सड़कों का स्वतंत्र तकनीकी मूल्यांकन कराकर कमियों को दूर करने पर भी विशेष जोर रहा।
हेलमेट और सीट बेल्ट के लिए चलेगा जागरूकता अभियान
सीडीओ ने विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर सड़क सुरक्षा जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए। लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा सुरक्षित वाहन संचालन के प्रति जागरूक किया जाएगा।

बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपकशेट, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह, एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा, रुड़की के एआरटीओ प्रशासन जितेंद्र चंद और एआरटीओ प्रवर्तन कृष्ण चंद्र सहित पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
