
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने आयुष विभाग के अधिकारियों के संग की बैठक .
जनक्रांति ब्यूरो
देहरादून।करीब 250 करोड़ के वित्तीय घोटाले* और *भर्ती में हुई अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद से ही उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय चर्चाओं में है.*
*फिलहाल विजिलेंस मामले की जांच कर रही है. इसी वजह से कर्मचारियों के वेतन भुगतान में भी समस्याएं आई है. साथ ही लंबित परीक्षाओं को लेकर छात्र कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं.*
*आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं को लेकर आयुष मंत्री मदन कौशिक ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की.*
*बैठक के दौरान उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय* के *साथ ही उत्तराखंड* में *आयुर्वेद एम्स स्थापित किए जाने* समेत *तमाम महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा किया गया.*
*आयुष मंत्री मदन कौशिक* ने कहा कि *आयुष शिक्षा विभाग उत्तराखंड राज्य के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण विभाग है. जिसके तहत राज्य में 3 राजकीय परिसर, 13 जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा कार्यालय, 21 निजी महाविद्यालय और 13 जिला होम्योपैथिक कार्यालय के साथ अन्य संस्थाएं चल रही हैं.*
*इसके साथ ही आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय को लेकर कुछ समस्याओं पर आज समीक्षा की गयी
*आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय की समस्याओं के निदान को लेकर आयुष एवं आयु शिक्षा विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जल्द से जल्द विश्वविद्यालय के समस्याओं का निस्तारण किया जा सके.*
*इसके साथ ही मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य विभागों के साथ बैठक कर जल्द ही समस्याओं का समाधान किया जाए.*
*इसके साथ ही बैठक के दौरान*
*उत्तराखंड में एम्स आयुर्वेद* को *लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए कि वो 15 एकड़ जमीन चिन्हित करें.*
*इसके बाद वो जल्द ही केंद्रीय आयुष मंत्री से मुलाकात कर उत्तराखंड में एम्स आयुर्वेद की स्थापना का अनुरोध करेंगे.*
*आयुष मंत्री ने कहा* कि *उत्तराखण्ड धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जिसके चलते धार्मिक स्थलों में स्थित धर्मशालाओं और बड़े होटलों को आयुर्वेद से जोड़ने के लिए अधिकारियों को योजना बनाने को कहा गया है.*
उन्होंने कहा कि *विभाग ऐसी नीति बनाये जिससे जनमानस को प्रभावित किया जा सके. प्रदेश में आयुर्वेद को बड़े संसाधन के तौर पर स्थापित करना उनका संकल्प है. आयुष विभाग ब्लॉक स्तर और न्याय पंचायत स्तर पर वैलनेस योग व पंचकर्म जैसी सुविधाओं को जोड़ने के लिए अवधारणा लागू करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं.*
*आयुष मंत्री ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय की ओर से किये जा रहे कामों की भी समीक्षा की, जिसमें शिक्षा और शोध के कार्यों पर चर्चा की गई*,
*मंत्री ने कहा* कि *विश्वविद्यालय से जुड़े हुए सभी मामलों की बिन्दुवार समीक्षा की जाए और उचित समाधान निकाला जाए.*
*आयुर्वेद एवं यूनानी सेवा के तहत प्रदेश में करीब 852 चिकित्सालय, 5491 आयुर्वेदिक डॉक्टर, 1226 होम्योपैथिक डॉक्टर, 201 यूनानी डॉक्टर और 18 प्राकृतिक चिकित्सा डॉक्टर उपलब्ध हैं. इसके साथ ही फार्मासिस्ट, नर्स और सहायक उपलब्ध हैं. ऐसे में बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाली पदों पर अधियाचन भेजें और खाली पदों को भरने करने का काम किया जाए.*
