जनक्रांति ब्यूरो

हरिद्वार । राष्ट्रीय राजमार्ग हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब तड़के सुबह एक चलती वोल्वो बस अचानक आग का गोला बन गई। बस में सवार 32 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई, लेकिन चालक-परिचालक की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। दो विदेशी पर्यटक भी इस बस में सवार थे। हालांकि सभी यात्री सुरक्षित बच गए, लेकिन उनका सामान आग की भेंट चढ़ गया। तस्वीरों में दिखाई दे रहा यह खौफनाक मंजर रुड़की के शांतरशाह क्षेत्र का है।

सुबह करीब चार बजे देहरादून से दिल्ली और जयपुर जा रही महालक्ष्मी फिलिप्स की वोल्वो बस संख्या MP44 ZC 6994 में अचानक आग लग गई। चालक अरुण कुमार के अनुसार बस के इंजन से धुआं निकलना शुरू हुआ और देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त बस में कुल 32 यात्री सवार थे जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे। आग लगते ही चालक अरुण कुमार और परिचालक रिंकू ने तत्परता दिखाते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया। कुछ ही मिनटों में आग इतनी भयावह हो गई कि पूरी लग्जरी बस धू-धू कर जलने लगी। घट

ना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने हाईवे पर यातायात नियंत्रित किया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया। वहीं रुड़की से फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया हालांकि तब तक बस पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। इस हादसे में किसी यात्री को चोट नहीं आई लेकिन बस में रखा यात्रियों का सारा सामान और लगेज जलकर खाक हो गया। संकट की इस घड़ी में उत्तराखंड पुलिस ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था की और उन्हें उनके गंतव्य की ओर रवाना किया। समय रहते यात्रियों को बस से बाहर निकाल लिया गया, वरना यह हादसा किसी बड़ी त्रासदी में बदल सकता था। फिलहाल पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है जबकि प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सड़क पर छोटी सी तकनीकी खराबी भी कितना बड़ा खतरा बन सकती है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में सभी 32 यात्रियों की जान बच गई।
