सात सदस्यीय समिति करेगी निगरानी, गड़बड़ी मिलने पर निष्कासन के साथ होगी कानूनी कार्रवाई

जनक्रांति ब्यूरों
हरिद्वार। मंदिरों में चढ़ावे की चोरी के मामले सामने आने के बाद मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने सख्त कदम उठाए हैं। सोमवार को ट्रस्ट की ओर से मंदिर के सभी पुजारियों और कर्मचारियों को सुचिता, ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। साथ ही स्पष्ट किया गया कि चढ़ावे का निजी उपयोग करने वाले किसी भी पुजारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति चढ़ावे का दुरुपयोग करते हुए पाया गया तो उसे तत्काल सेवा से निष्कासित कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मंदिर में चढ़ावे और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो नियमित रूप से व्यवस्था पर नजर रखेगी।
महंत रविंद्र पुरी ने इस दौरान हाल ही में गठित अखाड़ा परिषद की दूसरी कार्यकारिणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद पर उन्हें बहुमत का समर्थन प्राप्त है। इसलिए वर्ष 2027 का कुंभ मेला उनके नेतृत्व में ही आयोजित होगा।
प्रमुख बातें
मंदिर के सभी पुजारियों और कर्मचारियों को दिलाई गई सुचिता की शपथ।
चढ़ावे का दुरुपयोग करने पर सेवा से निष्कासन और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।
निगरानी के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन।
महंत रविंद्र पुरी ने 2027 कुंभ अपने नेतृत्व में होने का दावा किया।
