
जनक्रांति ब्यूरों
हरिद्वार। सावन के महीने में हरिद्वार पुलिस ने 205 लोगों को बड़ी राहत देते हुए करीब 46 लाख रुपये कीमत के उनके खोए हुए मोबाइल फोन वापस सौंप दिए। लंबे समय से अपने मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के चेहरे उस समय खिल उठे, जब थाना सिडकुल पुलिस ने ट्रेस कर बरामद किए गए मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस का आभार जताते हुए इस पहल की सराहना की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में थाना सिडकुल पुलिस ने उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी मोबाइल ट्रेस कर बरामद किए। बरामद मोबाइलों में स्थानीय लोगों के साथ-साथ सिडकुल की औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत बाहरी राज्यों के कर्मचारियों के मोबाइल भी शामिल हैं।

एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि लोगों की दैनिक जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में खोई हुई संपत्ति को उसके असली मालिक तक पहुंचाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा जीतना ही पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

मोबाइल रिकवरी के मामले में थाना सिडकुल लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। पिछले 11 महीनों में यह आठवीं बड़ी रिकवरी है। वर्ष 2026 में अब तक थाना सिडकुल पुलिस 475 मोबाइल फोन बरामद कर उनके स्वामियों को सौंप चुकी है, जिससे वह प्रदेश में मोबाइल रिकवरी के मामले में अग्रणी थानों में शामिल हो गया है।

बरामद मोबाइलों में चार आईफोन, 44 वीवो, 38 ओप्पो, 35 सैमसंग, 32 रियलमी, 19 वनप्लस, 15 नथिंग, 12 एमआई और छह आईक्यूओओ सहित कुल 205 मोबाइल शामिल हैं। इस सफलता में थानाध्यक्ष अजय शाह, एसएसआई प्रवीण बिष्ट और हेड कांस्टेबल विवेक यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
