87 विभागों की उपसमितियां करेंगी स्थलीय निरीक्षण, तीन माह में कमियां दूर करने का अल्टीमेटम
जनक्रांति ब्यूरों

हरिद्वार। शहर से लेकर गांव तक सार्वजनिक शौचालयों की बदहाल व्यवस्था अब जांच के घेरे में आ गई है। कहीं सफाई का संकट है तो कहीं पानी, बिजली और रोशनी की सुविधा तक नहीं है। महिलाओं और दिव्यांगों के लिए सुविधाओं की स्थिति भी परखी जाएगी। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन ने अब शौचालयों की व्यवस्था सुधारने के लिए समयबद्ध अभियान शुरू कर दिया है।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने मंगलवार को वर्चुअल बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी सार्वजनिक शौचालयों का स्थलीय निरीक्षण कर कमियों की रिपोर्ट तैयार की जाए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर 87 विभागों और कार्यालयों के लिए विभागवार उपसमितियां गठित की गई हैं।
उपसमितियां न्यायालय परिसर, कलक्ट्रेट, तहसील, पुलिस कार्यालय, नगर निकायों समेत सरकारी कार्यालयों में बने शौचालयों की स्थिति जांचेंगी। स्वच्छता, पेयजल, बिजली, प्रकाश, महिला-पुरुष के लिए अलग व्यवस्था, दिव्यांगों की सुगम पहुंच, नियमित सफाई और मरम्मत को जांच का आधार बनाया गया है।

सभी विभागों को 15 सितंबर तक जांच रिपोर्ट देनी होगी। चिन्हित कमियों के लिए कार्ययोजना तैयार होगी। 15 अक्टूबर तक धनराशि और वित्तीय स्वीकृतियां, जबकि 15 नवंबर तक सुधार कार्य पूरा करना होगा। 20 नवंबर तक अनुपालन रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय में देनी होगी।
सीडीओ ने चेताया कि न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कराए गए कार्यों का स्थलीय सत्यापन भी कराया जाएगा।
