संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और प्रदेश के विकास को गति देने का संकल्प, मुख्यमंत्री धामी एवं सांसद हरिद्वार त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत कई गणमान्य रहे मौजूद

जनक्रांति ब्यूरों
देहरादून उत्तराखंड को नया राज्यपाल मिल गया है। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार, 19 अक्टूबर को लोक भवन में उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मंत्रिमंडल के सदस्य और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
डॉ. बिसेन ने राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि और वीरभूमि बताते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
राष्ट्रपति ने 12 अक्टूबर को की थी नियुक्ति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर को डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया था। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह का स्थान लिया। समारोह में मुख्य सचिव आनंद बर्धन समेत राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबा अनुभव
डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह विधायक और सांसद के रूप में जिम्मेदारी निभा चुके हैं। मध्य प्रदेश सरकार में उन्होंने स्कूल शिक्षा, परिवहन और खनिज सहित महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व भी संभाला है। उनके राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव को उत्तराखंड में नई जिम्मेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नए राज्यपाल को बधाई देते हुए प्रदेश के विकास में उनके मार्गदर्शन और सहयोग की उम्मीद जताई।

उत्तराखंड के नवनियुक्त राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन जी को सांसद त्रिवेन्द्र ने दी शुभकामनाएँ

लोकभवन, देहरादून में देवभूमि उत्तराखंड के 9वें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करने पर सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन जी को शुभकामनाएँ दीं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. बिसेन जी का दीर्घ राजनीतिक एवं प्रशासनिक अनुभव, संवैधानिक मूल्यों के प्रति निष्ठा और जनसेवा का भाव उत्तराखंड के विकास, सुशासन और जनकल्याण को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।
