शौर्य दिवस पर डीएम मयूर दीक्षित बोले- सैनिकों और पूर्व सैनिकों की हर समस्या का होगा प्राथमिकता से समाधान

जनक्रांति ब्यूरों
हरिद्वार। कारगिल विजय दिवस पर हरिद्वार में रविवार को शौर्य दिवस पूरे सम्मान और गर्व के साथ मनाया गया। जिला सैनिक कल्याण एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कलेक्ट्रेट परिसर में शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और दो मिनट का मौन रखकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समारोह में डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए दुश्मन को करारा जवाब दिया। उत्तराखंड के 75 वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों की वीर नारियों, सीमा पर तैनात जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं का जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता से समाधान करेगा।

इस अवसर पर जनपद के आठ शहीद सैनिकों की वीर नारियों और परिजनों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वहीं एनसीसी कैडेटों और खेल विभाग के छात्र-छात्राओं को हॉकी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

नगर निगम की मेयर किरण जैसल ने कहा कि कारगिल के वीर शहीदों का सर्वोच्च बलिदान देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी दी।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) डॉ. सरिता पंवार ने कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए हरिद्वार के शहीद राइफलमैन मान सिंह गोसाईं के बलिदान को याद किया।

कार्यक्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चंद, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह, सूबेदार सुधीर चंद्र, पूर्व सैनिक, वीर नारियां, सैनिक संगठनों के पदाधिकारी, एनसीसी कैडेट, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
