
जनक्रांति ब्यूरों
हरिद्वार। भारत विभाजन की त्रासदी की स्मृतियां एक बार फिर ताजा हो उठीं। प्रेमनगर आश्रम में उत्तरांचल पंजाबी महासभा की ओर से आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लाखों भारतीयों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 1947 का विभाजन केवल देश की सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों की साझा विरासत, संस्कृति और भावनाओं के विस्थापन की त्रासदी भी थी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का पगड़ी पहनाकर और त्रिशूल भेंट कर स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों का संघर्ष और बलिदान देश कभी नहीं भूल सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय इसी इतिहास को याद करने और नई पीढ़ी को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सीएम धामी ने कहा कि भारत आज अपनी सांस्कृतिक जड़ों और गौरवशाली विरासत से फिर मजबूती से जुड़ रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, महाकाल लोक और करतारपुर कॉरिडोर जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश अपनी विरासत को भव्यता और दिव्यता के साथ आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विकास के साथ देवभूमि की संस्कृति, परंपरा और धार्मिक विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आगामी कुंभ को ऐतिहासिक, भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं।
त्रिवेंद्र बोले—अंग्रेज अफसर को सौंपी गई थी सीमा तय करने की जिम्मेदारी

हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि 14 अगस्त 1947 तक भारत अखंड था और मध्यरात्रि के बाद देश का विभाजन हुआ। उन्होंने कहा कि विभाजन की सबसे बड़ी विडंबनाओं में एक यह थी कि देश के बंटवारे के बावजूद भारत-पाकिस्तान की सीमाएं तत्काल स्पष्ट नहीं थीं। अंग्रेज अधिकारी सर सिरिल रेडक्लिफ को सीमा निर्धारण की जिम्मेदारी दी गई, जिन्हें भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों की पर्याप्त जानकारी तक नहीं थी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और प्रदीप बत्रा ने भी विचार रखे। मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका प्रदर्शनी का अवलोकन किया, रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए और विभिन्न जनपदों से पहुंचे पंजाबी समाज के बुजुर्गों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
इस दौरान मेयर किरण जैसल, नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, विधायक आदेश चौहान, सविता कपूर, उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष करण मल्होत्रा, प्रदेश महामंत्री राजकुमार फुटेला, जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, एडीएम जितेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और समाज के लोग मौजूद रहे।
