
जनक्रांति ब्यूरों
हरिद्वार। प्रतिभा, संस्कार और भारतीय ज्ञान परंपरा के संगम बने आचार्यकुलम् में पंचमी राष्ट्रीय स्वर्णशलाका प्रतियोगिता के विजेताओं पर पुरस्कारों की बारिश हुई। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कुल 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।

परमपूज्य स्वामी रामदेवजी ने कहा कि आचार्यकुलम् केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि गुरुवाणी और वेदवाणी के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का रूपांतरण करने वाला विशिष्ट संस्थान है। परमश्रद्धेय आचार्यश्री बालकृष्णजी ने मेधावी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
प्रतियोगिता में पतंजलि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सर्वाधिक पुरस्कार राशि अर्जित कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं आचार्यकुलम् की छात्राओं गौरिका और भव्या ने प्रथम, जबकि संस्कृति ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर संस्थान का गौरव बढ़ाया।
बताया गया कि स्वर्णशलाका प्रतियोगिता की श्रृंखला में अब तक विद्यार्थियों को करीब 25 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जा चुकी है। समारोह में साध्वी देवप्रिया जी ‘बड़ी दीदीजी’, पंजाब उच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री अहलूवालिया सहित शिक्षक, आचार्य और विद्यार्थी मौजूद रहे।
