मुख्यमंत्री धामी ने औरंगाबाद में किया उद्घाटन, गुरुकुलम् में पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक ज्ञान का होगा समावेश

जनक्रांति ब्यूरों
हरिद्वार। विश्व आयुर्वेद दिवस पर हरिद्वार के ग्राम औरंगाबाद में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। यज्ञ और मंत्रोच्चार के बीच धन्वन्तरि वंदना के बाद हुए कार्यक्रम में संस्कृत शिक्षा और आयुर्वेद को जोड़ने वाली नई पहल की शुरुआत की गई। खास बात यह है कि संस्कृत के विद्यार्थी अब बीएएमएस की पढ़ाई कर आयुर्वेदाचार्य बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि गुरुकुल केवल पुस्तकीय ज्ञान देने का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, जीवन मूल्यों और चरित्र निर्माण की भी पाठशाला है। उन्होंने कहा कि पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

स्वामी रामदेव ने कहा कि आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा को आधुनिक विज्ञान से जोड़कर नई शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि संस्कृत और वेदों के विद्वानों के लिए बीएएमएस की पढ़ाई का रास्ता खुलना महत्वपूर्ण पहल है।
आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) के साथ मिलकर पारंपरिक गुरुकुल पद्धति पर आधारित बीएएमएस पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सरकार की ओर से जीओ जारी हुआ है और गुरुकुलम् की रूपरेखा व अन्य औपचारिकताएं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय निर्धारित करेगा।
कार्यक्रम में आयुष मंत्री मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर समेत पतंजलि संस्थान के अधिकारी और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् की वेबसाइट और पुस्तिका का लोकार्पण भी किया गया।
