
आरक्षण सुधार की मांग पर रानीमाजरा में उमड़ा सामान्य वर्ग
यूजीसी रोलबैक से लेकर कानूनों के कथित दुरुपयोग तक उठी आवाज, पैदल मार्च कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
पथरी (हरिद्वार)। यूजीसी रोलबैक और रिजर्वेशन रिफॉर्म की मांग को लेकर रविवार को लक्सर रोड स्थित रानीमाजरा में सामान्य वर्ग ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। सामान्य वर्ग एकता मंच के आह्वान पर आयोजित जनसभा में हरिद्वार के ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों के साथ आसपास के जनपदों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। वक्ताओं ने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा, समान अवसर और कानूनों के कथित दुरुपयोग पर रोक की मांग को जोरदार तरीके से उठाया।
शामली से पहुंचे ठाकुर पूरण सिंह चौहान ने कहा कि किसी भी कानून का मकसद न्याय और सुरक्षा होना चाहिए। उन्होंने सामान्य वर्ग से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों से सवाल पूछने और अपनी मांगों को राजनीतिक मंच पर मजबूती से रखने की जरूरत है।

आरक्षण व्यवस्था के मूल्यांकन की उठी मांग
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्र ने आरक्षण व्यवस्था के कानूनी और सामाजिक प्रभावों पर बात रखी। उन्होंने कहा कि दशकों से लागू व्यवस्था के परिणामों का निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों में अवसरों को लेकर सामान्य वर्ग के युवाओं में असंतोष है। उन्होंने प्रतिभा, आर्थिक स्थिति और वास्तविक वंचना जैसे पहलुओं को भी नीति निर्माण में शामिल करने की जरूरत बताई।

ब्राह्मण महासभा उत्तराखंड के अध्यक्ष पंडित पदमप्रकाश शर्मा ने कहा कि सामाजिक नीतियों पर समय के साथ पुनर्विचार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने मांगों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाने की अपील की। कार्यक्रम अध्यक्ष बलवंत सिंह चौहान ने कहा कि सामान्य वर्ग से जुड़े मुद्दों पर अब संगठित और तथ्याधारित विमर्श जरूरी है।

पैदल मार्च कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
जनसभा में आरक्षण व्यवस्था, यूजीसी से जुड़े प्रावधान, प्रतियोगी परीक्षाओं में समान अवसर और एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग समेत कई मुद्दे उठाए गए। जनसभा समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में लोग पैदल मार्च करते हुए महाराणा प्रताप चौक धारीवाला पहुंचे। यहां उपजिलाधिकारी लक्सर को मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा गया।
जनसभा में मांगेराम त्यागी, ठाकुर जयपाल सिंह चौहान, अधीर कौशिक, सुनील कुमार अग्रवाल, राजू ओबराय, उत्तम सिंह चौहान और नरेंद्र सिंह चौहान समेत कई वक्ताओं ने विचार रखे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए सामाजिक प्रतिनिधियों का फूलमालाओं और ढोल-नगाड़ों से स्वागत किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने कार्यक्रम में सहयोग किया।
