
दो दिवसीय जेसीएम बैठक बुलाने की मांग, लंबित मुद्दों पर जल्द फैसले का अल्टीमेटम
जनक्रांति ब्यूरों
हरिद्वार। बीएचईएल में बोनस और एसआईपी भुगतान को लेकर श्रमिकों का गुस्सा फूट पड़ा। संयुक्त समिति (जेसीएम) की बैठक की तारीख घोषित नहीं होने से नाराज सैकड़ों श्रमिकों ने बुधवार को भेल मजदूर कल्याण परिषद (बीएमकेपी)-इंटक के बैनर तले हीप मेन गेट पर प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने कॉरपोरेट प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर जल्द दो दिवसीय जेसीएम बैठक बुलाने और लंबित मांगों का समाधान करने की मांग उठाई।

सभा को संबोधित करते हुए संगठन के महामंत्री एवं इंटक उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बीएचईएल का कर पूर्व लाभ (पीबीटी) 2116 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 192 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि कंपनी की इस उपलब्धि में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन इसके बावजूद बोनस और एसआईपी भुगतान पर निर्णय के लिए बैठक की तारीख घोषित नहीं की गई है।

संगठन ने वेज रिवीजन-2017 की सहमति के अनुसार श्रमिकों को नए लैपटॉप देने, न्यू इंसेंटिव स्कीम-2024 में संशोधन कर अधिकतम प्रोत्साहन राशि 10 हजार रुपये करने और न्यूनतम संरक्षित राशि सुनिश्चित करने की मांग की। सेक्टर-4 स्थित केंद्रीय विद्यालय को पूर्ववत संचालित कर कक्षा एक में प्रवेश शुरू कराने, अवकाश के दिन और अतिरिक्त समय काम करने पर सी-ऑफ के बजाय ओवरटाइम देने की मांग भी उठाई।

इसके अलावा देहरादून के मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों को भेल के पैनल में शामिल करने, मेडिकल डिपेंडेंसी सीलिंग लिमिट 1500 से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने और नवनियुक्त आर्टीजनों को टीएसडब्ल्यू अवधि में 29,500 रुपये कंसोलिडेटेड वेतन देने की मांग की गई। संगठन ने नियमित कार्यों की ठेकेदारी और अत्यधिक आउटसोर्सिंग पर भी चिंता जताई।

अध्यक्ष मुकुल राज और वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्विनी चौहान ने मांगों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया। वरिष्ठ नेता रजनीश कुमार की अध्यक्षता में हुई सभा का संचालन उपाध्यक्ष प्रशांत दीप गुप्ता ने किया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी कि जल्द जेसीएम बैठक नहीं बुलाई गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।


