‘डिजिटल रावण’ से बचने की सीख दी, ठगी होने पर 1930 पर कॉल करने की अपील

जनक्रांति ब्यूरों
बहादराबाद। रामलीला के मंच से बहादराबाद पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया। उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने सीता हरण प्रसंग का उदाहरण देकर लोगों को साइबर अपराधियों के जाल से बचने की सीख दी। उन्होंने साइबर ठगों को ‘डिजिटल रावण’ बताते हुए कहा कि अनजान लिंक, फर्जी कॉल और लालच के जरिए लोगों की गाढ़ी कमाई लूटी जा रही है।

त्योहारी सीजन में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पुलिस ने यह पहल की। उप निरीक्षक ने बताया कि जिस तरह रावण ने साधु का वेश धारण कर माता सीता को छल में फंसाया था, उसी तरह साइबर ठग भी बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी, कस्टमर केयर प्रतिनिधि या रिश्तेदार बनकर लोगों को झांसे में लेते हैं। फर्जी लॉटरी, केवाईसी अपडेट, एआई और डीपफेक जैसी तकनीकों के जरिए भी ठगी की जा सकती है।

पुलिस ने की ये अपील
ओटीपी साझा न करें: किसी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी न दें।
अनजान लिंक से बचें: संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान ऐप डाउनलोड न करें।
फर्जी कॉल से रहें सतर्क: बैंक अधिकारी, पुलि
सकर्मी या कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर फोन करने वालों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
सोशल मीडिया सुरक्षित रखें: मजबूत पासवर्ड बनाएं और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।
लालच में न आएं: नौकरी, लॉटरी और फर्जी लोन के प्रलोभन से बचें।
पहले सत्यापन करें: रिश्तेदार के हादसे या आपात स्थिति में पैसे मांगने संबंधी कॉल या वीडियो की पुष्टि जरूर करें।
एटीएम पर सावधानी बरतें: एटीएम बूथ के अंदर अनजान व्यक्ति की मदद लेने से बचें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
उप निरीक्षक ने अपील की कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने और वापस दिलाने में मदद मिल सकती है।
रामलीला समिति और मौजूद दर्शकों ने पुलिस की इस जागरूकता पहल की सराहना की
