35 बसों के चालान, फिटनेस और परमिट की भी जांच; पड़ोसी राज्यों में हादसों के बाद बढ़ाई गई सख्ती

जनक्रांति ब्यूरों
हरिद्वार। पड़ोसी राज्यों में बस दुर्घटनाओं के बाद हरिद्वार में लग्जरी और स्लीपर बसों की जांच तेज कर दी गई है। परिवहन विभाग के विशेष अभियान के चौथे दिन 35 बसों के चालान किए गए, जबकि तीन बसों को सीज कर दिया गया। अभियान में बसों की तकनीकी स्थिति, फिटनेस और यात्री सुरक्षा मानकों की जांच पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सोमवार को भी परिवहन विभाग की टीम ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी ने कार्रवाई की। तकनीकी निरीक्षण के लिए संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन भी अभियान में शामिल रहे।

तकनीकी खामियों और अनधिकृत बदलावों की जांच
जांच के दौरान बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की गई। तकनीकी निरीक्षण के साथ बसों में किए गए अनधिकृत बदलावों और यात्री सुरक्षा से जुड़े मानकों की भी जांच हुई। नियमों के उल्लंघन और सुरक्षित संचालन को प्रभावित करने वाली कमियां मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

संचालकों को सख्त निर्देश
परिवहन विभाग ने बस संचालकों और चालकों को सभी जरूरी दस्तावेज अद्यतन रखने तथा परमिट की शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए। बस संचालन से पहले तकनीकी स्थिति की जांच और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
विभाग के मुताबिक, लग्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर चालान, वाहन सीज करने समेत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
