जनक्रांति ब्यूरो
हरिद्वार।वेतन वृद्धि मामले में अब श्रम विभाग सख्त रुख अपनाए हुए है। जनपद हरिद्वार की सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 1 अप्रैल 2026 से संशोधित न्यूनतम मजदूरी लागू करें। इससे श्रमिकों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ मिलेगा।
बताया गया कि उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2019 के बाद 15 मार्च 2024 को विभिन्न अनुसूचित नियोजनों (इंजीनियरिंग तथा कृषि को छोड़कर) में न्यूनतम मजदूरी का पुनरीक्षण किया था, जिसे 1 अप्रैल 2024 से लागू किया गया था। उस समय श्रमिकों के लिए मासिक न्यूनतम वेतन अकुशल के लिए 12,500 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 12,933 रुपये, कुशल के लिए 13,365 रुपये तथा अतिकुशल के लिए 14,093 रुपये निर्धारित किया गया था।
अब राज्य सरकार ने नई अधिसूचना जारी करते हुए 50 या उससे अधिक श्रमिकों को नियोजित करने वाले औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मकारों के लिए अंतरिम राहत के रूप में संशोधित वेतनमान लागू किया है। यह वेतनमान 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा, जिसमें महंगाई भत्ते (डीए) सहित अकुशल श्रमिकों को 13,800 रुपये, अर्द्धकुशल को 15,100 रुपये तथा कुशल श्रमिकों को 16,900 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो भी औद्योगिक इकाई सरकार द्वारा निर्धारित नए वेतनमान का पालन नहीं करेगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सहायक श्रम आयुक्त हरिद्वार, प्रशांत कुमार ने बताया कि जनपद के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निर्देशित कर दिया गया है और अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए विभाग निगरानी भी करेगा।
