जनक्रांति ब्यूरों
हरिद्वार। लेन-देन के विवाद में समझौता कराने के नाम पर 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत मांगना रानीपुर थाने में तैनात महिला सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) सोनिया को भारी पड़ गया। शिकायत के सत्यापन के बाद सतर्कता विभाग की टीम ने जाल बिछाया और 10 अक्टूबर को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता का दूसरे पक्ष के साथ लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि विवाद निपटाने और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के एवज में महिला एएसआई ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने सतर्कता विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की पुष्टि होते ही एक्शन में आई टीम
शिकायत मिलते ही सतर्कता सेक्टर देहरादून की टीम ने मामले का सत्यापन किया। आरोपों की पुष्टि होने के बाद टीम ने आरोपी एएसआई को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की रणनीति तैयार की। इसके बाद 10 अक्टूबर को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए टीम ने कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सोनिया को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल मच गई।
रिश्वत मांगे तो 1064 पर करें शिकायत
सतर्कता विभाग ने अपील की है कि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगे तो टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत करें। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
