जिला अधिकारी को मिलकर सौंपा ज्ञापन

जनक्रांति ब्यूरों
हरिद्वार। गंगा एक्सप्रेसवे के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों ने अब आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को किसानों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी मयूर दीक्षित से मिला और दो टूक शब्दों में साफ कर दिया कि किसी भी सूरत में अपनी उपजाऊ कृषि भूमि एक्सप्रेसवे के लिए नहीं दी जाएगी। किसानों ने परियोजना का रूट बदलकर किसी अन्य क्षेत्र से निकाले जाने की जोरदार मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
किसानों का कहना है कि उनकी खेती ही उनके परिवारों की जीवनरेखा है। यदि उपजाऊ जमीन छिनी गई तो सैकड़ों किसान परिवार सीधे आर्थिक तबाही की चपेट में आ जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि विकास योजनाओं में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और एक्सप्रेसवे का संरेखण बदलकर खेती और रोजगार दोनों को बचाया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों की उपजाऊ जमीन की कीमत पर किसी भी विकास परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने किसानों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं और ज्ञापन प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ज्ञापन देने वालों में कल्याण चौधरी, डॉ. विक्रम सिंह, प्रमील कुमार, सुशील कुमार, लवी चौधरी, नत्थू प्रधान, पुष्पेंद्र चौधरी, नफीस अंसारी, संदीप चौधरी, दीपेंद्र कुमार, विशेष कुमार, शुभम कुमार, पृथ्वी सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
